Posts

औषधीय वृक्ष है पलाश

Image
आयुर्वेद में कई ऐसे पेड़-पौधों का वर्णन मिलता है जिन्हें स्वास्थ्य के लिए वरदान माना गया है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष है पलाश। इसे आमतौर पर टेसू का फूल भी कहा जाता है। पलाश के फूल, पत्तियाँ, छाल और बीज—सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। आयुर्वेद में इन्हें स्वास्थ्य सुधारने और प्राकृतिक औषधियाँ बनाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। ✅ पलाश के औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ — 1️⃣ त्वचा रोगों में लाभकारी :- आयुर्वेद के अनुसार, पलाश के बीजों का पेस्ट लगाने से एक्जिमा, खुजली, फंगल इंफेक्शन और त्वचा के रूखेपन में राहत मिलती है। 2️⃣ मधुमेह में सहायक :- पलाश के फूलों में एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। पलाश की पत्तियों का चूर्ण ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है। 3️⃣ घाव भरने में सहायक :- पलाश के बीजों में प्राकृतिक हीलिंग गुण होते हैं। गुलाब जल के साथ पलाश के फूल का पेस्ट बनाकर घाव पर लगाने से रक्तस्राव रुकता है और घाव जल्दी भरता है। 4️⃣ बवासीर में लाभ :- पलाश के फूल बवासीर में विशेष रूप से लाभकारी माने...

यहाँ पान के अलग-अलग प्रकार और उनके मसाले की पूरी रेसिपी हिंदी में दी गई है 👇

Image
यहाँ पान के अलग-अलग प्रकार और उनके मसाले की पूरी रेसिपी हिंदी में दी गई है 👇 🌿 1. मीठा पान मसाला सामग्री: गुलकंद – 2 बड़े चम्मच सौंफ (भुनी) – 1 बड़ा चम्मच नारियल बूरा – 1 बड़ा चम्मच चेरी/टूटी फ्रूटी – 1 बड़ा चम्मच इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच कत्था व चूना – थोड़ा सा विधि: पान के पत्ते पर कत्था-चूना लगाएँ। सभी सामग्री डालें, मोड़कर सर्व करें। 🌿 2. सादा पान मसाला सामग्री: सौंफ – 1 बड़ा चम्मच सुपारी कटी – 1 बड़ा चम्मच इलायची – ½ छोटा चम्मच कत्था व चूना विधि: पान पर कत्था-चूना लगाकर मसाला डालें और फोल्ड करें। 🌿 3. पुकिकट / स्पेशल पान मसाला सामग्री: मीठी सुपारी – 1 बड़ा चम्मच गुलकंद – 1 बड़ा चम्मच सौंफ – 1 बड़ा चम्मच चॉकलेट सिरप – थोड़ा सा विधि: सभी सामग्री मिलाकर पान में भरें। 🌿 4. सिल्वर कोटेड पान सामग्री: मीठा पान मसाला चांदी वर्क विधि: मीठा पान तैयार करें, ऊपर से चांदी वर्क लगाएँ। 🌿 5. चॉकलेट पान सामग्री: चॉकलेट सिरप – 1 बड़ा चम्मच चॉकलेट चिप्स – 1 बड़ा चम्मच गुलकंद – 1 बड़ा चम्मच विधि: सभी सामग्री डालकर पान मोड़ें। 🌿 6. मिंट पान सामग्री: पुदीना पेस्ट – 1 छोटा चम्मच सौंफ – 1 बड़ा...

ଡାକ୍ତରଙ୍କୁ ଦେଖା କରିବା ପୂର୍ବରୁ ଦୟାକରି ଏହାକୁ ଥରେ ପଢନ୍ତୁ...

ଡାକ୍ତରଙ୍କୁ ଦେଖା କରିବା ପୂର୍ବରୁ ଦୟାକରି ଏହାକୁ ଥରେ ପଢନ୍ତୁ... ଆପଣଙ୍କୁ ଦୁଇ କିମ୍ବା ତିନି ଦିନ ଜ୍ୱର ହେଲା । ଯଦି ଆପଣ କୌଣସି ଔଷଧ ନେଇ ନ ଥାନ୍ତେ, ତଥାପି କିଛି ଦିନରେ ଆପଣଙ୍କ ଶରୀର ଆପଣା ଛାଏଁ ଭଲ ହୋଇଯାଇଥାନ୍ତା । କିନ୍ତୁ ଆପଣ ଡାକ୍ତରଙ୍କ ପାଖରେ ଚାଲିଗଲେ । ଆରମ୍ଭରେ ହିଁ ଡାକ୍ତର ଅନେକ ଟେଷ୍ଟ ଲେଖିଦେଲେ । ଟେଷ୍ଟ ଫଳାଫଳରେ ଜ୍ୱରର କୌଣସି ବିଶେଷ କାରଣ ମିଳିଲା ନାହିଁ । ତଥାପି, କୋଲେଷ୍ଟେରଲ୍ ଏବଂ ଚିନିର ମାତ୍ରା ଟିକେ ଅଧିକ ଦେଖାଗଲା... ଯାହା ସାଧାରଣତଃ ସ୍ୱାଭାବିକ ଅଟେ । ଜ୍ୱର ଛାଡ଼ି ଗଲା, କିନ୍ତୁ ବର୍ତ୍ତମାନ ଆପଣ କେବଳ ଜ୍ୱର ରୋଗୀ ନ ଥିଲେ... ଡାକ୍ତରସାହେବ ଆପଣଙ୍କୁ କହିଲେ: "ଆପଣଙ୍କ କୋଲେଷ୍ଟେରଲ୍ ବଢିଗଲାଣି । ସୁଗାର ମଧ୍ୟ ଟିକେ ବଢିଗଲାଣି । ଏହାର ଅର୍ଥ ହେଉଛି ଆପଣ ପ୍ରି-ଡାଏବେଟିକ୍ ଅଛନ୍ତି । ଆପଣଙ୍କୁ କୋଲେଷ୍ଟେରଲ୍ ଏବଂ ଚିନି ନିୟନ୍ତ୍ରଣ କରିବାର ଔଷଧ ନେବାକୁ ପଡିବ ।" ଏହାସହିତ ଖାଦ୍ୟପେୟ ଉପରେ ଅନେକ ପ୍ରତିବନ୍ଧକ ଲାଗିଗଲା... ହୋଇପାରେ ଆପଣ ଖାଦ୍ୟ ସମ୍ବନ୍ଧୀୟ ନିୟମଗୁଡିକୁ କଠୋରତାର ସହିତ ପାଳନ କରି ନ ଥିଲେ — କିନ୍ତୁ ଔଷଧ ଖାଇବା ଆପଣ ଭୁଲି ନଥିଲେ... ତିନି ମାସ ବିତିଗଲା । ପୁଣି ଟେଷ୍ଟ ହେଲା । ଆପଣଙ୍କ କୋଲେଷ୍ଟେରଲ୍ ଟିକେ କମ ହେଲା, କିନ୍ତୁ ବର୍ତ୍ତମାନ ଆପଣଙ୍କ ରକ୍ତଚାପ ଟିକେ ବଢିଗଲା । ଆଉ ଏକ ଔଷଧ ଲେଖିଦିଆଗଲା । ବର୍ତ୍ତମାନ ଆପଣ ତିନୋଟି ଔଷଧ ଖାଉଥିଲେ । ଏସବୁ...

डायबटीज का सच

Image
 🇮🇳  “डायबटीज का सच, इलाज और शरीर को रीचार्ज करने वाला अनोखा आयुर्वेदिक-होम्योपैथिक मार्ग”  डायबटीज… नाम सुनते ही दिल धड़कने लगता है। लोग समझते हैं कि यह एक ऐसी बीमारी है जो ज़िंदगी भर पीछा नहीं छोड़ती। लेकिन असली कहानी इससे बहुत अलग है—और सच में काफी दिलचस्प भी। 🧬 डायबटीज – डर नहीं, समझ की ज़रूरत डायबटीज में खून और यूरिन में शुगर बढ़ जाती है यूरिन बार-बार आने लगता है घाव ठीक नहीं होते भूख घटती है कमजोरी बढ़ती है पैरों में सूजन, थकान और फेफड़ों पर असर लेकिन एक चौंकाने वाली बात… पहले फास्टिंग शुगर की सीमा 140 mg/dl थी। 1997 में WHO ने इसे 126 mg/dl कर दिया। और 2003 में अमेरिकन डायबटीज एसोसिएशन ने इसे घटाकर 100 mg/dl कर दिया। 👉 परिणाम ये हुआ कि एक ही दिन में लाखों लोग डायबिटिक घोषित कर दिये गए, जबकि उन्हें कोई गंभीर समस्या थी ही नहीं। यानी कई लोग बीमारी से कम, डर और दवाइयों के साइड इफेक्ट से ज़्यादा परेशान हुए। 🙏  क्या डायबटीज पूरी तरह ठीक हो सकती है? आयुर्वेद और होम्योपैथी कहता है— “अगर पैंक्रियाज को सही तरह से एक्टिव किया जाए, तो शरीर अपना संतुलन खुद ठीक कर लेता...

वात पित्त कफ के दोष का अंत

Image
 🇮🇳 वात पित्त कफ के दोष का अंत  इस पोस्ट को सेव करले दोबारा ये पोस्ट नहीं आएगी वात पित्त और कफ के दोष:- पोस्ट को धयान से 2 बार पढ़े इस जानकारी से संबंधित यह तीसरा पोस्ट है शरीर 3 दोषों से भरा है वात(GAS) -लगभग 80 रोग पित्त(ACIDITY)- लगभग 40 रोग कफ(COUGH) -लगभग 28 रोग यहां सिर्फ त्रिदोषो के मुख्य लक्षण बतये जायेगे और वह रोग घरेलू चिकित्सा से आसानी से ठीक होते है सभी परहेज विधिवत रहेंगे जैसे बताता हूं जिस इंसान की बड़ी आंत में कचड़ा होता है बीमार भी केवल वही होता है एनीमा एक ऐसी पद्धति है जो बड़ी आंत को साफ करती है और किसी भी रोग को ठीक करती है संसार के सभी रोगों का कारण इन तीन दोष के बिगड़ने से होता है ⭐वात(GAS) अर्थात वायु:- शरीर मे वायु जहां भी रुककर टकराती है, दर्द पैदा करती है, दर्द हो तो समझ लो वायु रुकी है पेट दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द, घुटनो का दर्द ,सीने का दर्द आदि डकार आना भी वायू दोष है -चक्कर आना,घबराहट और हिचकी आना भी इसका लक्षण है ⭐कारण:- --गैस उत्तपन्न करने वाला भोजन जैसे कोई भी दाल आदि गैस और यूरिक एसिड बनाती ही है --यूरिक एसिड जहां भी रुकता है उन हड्डियों का त...

Ayurbedik image llekh

Image