वात पित्त कफ के दोष का अंत
🇮🇳 वात पित्त कफ के दोष का अंत इस पोस्ट को सेव करले दोबारा ये पोस्ट नहीं आएगी वात पित्त और कफ के दोष:- पोस्ट को धयान से 2 बार पढ़े इस जानकारी से संबंधित यह तीसरा पोस्ट है शरीर 3 दोषों से भरा है वात(GAS) -लगभग 80 रोग पित्त(ACIDITY)- लगभग 40 रोग कफ(COUGH) -लगभग 28 रोग यहां सिर्फ त्रिदोषो के मुख्य लक्षण बतये जायेगे और वह रोग घरेलू चिकित्सा से आसानी से ठीक होते है सभी परहेज विधिवत रहेंगे जैसे बताता हूं जिस इंसान की बड़ी आंत में कचड़ा होता है बीमार भी केवल वही होता है एनीमा एक ऐसी पद्धति है जो बड़ी आंत को साफ करती है और किसी भी रोग को ठीक करती है संसार के सभी रोगों का कारण इन तीन दोष के बिगड़ने से होता है ⭐वात(GAS) अर्थात वायु:- शरीर मे वायु जहां भी रुककर टकराती है, दर्द पैदा करती है, दर्द हो तो समझ लो वायु रुकी है पेट दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द, घुटनो का दर्द ,सीने का दर्द आदि डकार आना भी वायू दोष है -चक्कर आना,घबराहट और हिचकी आना भी इसका लक्षण है ⭐कारण:- --गैस उत्तपन्न करने वाला भोजन जैसे कोई भी दाल आदि गैस और यूरिक एसिड बनाती ही है --यूरिक एसिड जहां भी रुकता है उन हड्डियों का त...